behen ki chudai : नमस्कार दोस्तों , कई बार ज़िंदगी में निराशा के बाद अचानक से खुशियां लौट आती है। कल रात मुझे वो ख़ुशी मिली जो शायद मुझे अपने पति के साथ भी नहीं मिली थी मेरा भाई मुझे खुश कर दिया।
मेरी चूत में ठंढक पड़ गयी थी पर कल रात अपने भाई के लंड के द्वारा फिर से आग लग गयी। कल रात मुझे मेरा भाई खूब चोदा जब तक मैंने नहीं कहा की भैया अब मुझे छोड़ दो अब बस भी करो मेरी चूत सूज गयी है |
कमर में दर्द होने लगा है। तब जाकर मेरा भाई मुझे छोड़ा हां मैं इतना ही कहूँगी की मेरी ज़िंदगी में फिर से बहार आ गया। अब मैं जीना चाहती हूँ कुछ करना चाहती हूँ।
जीने का वजह मिल गया है मुझे। आज मैं आपको अपनी कहानी locanto24.com पर सुना रही हूँ। मेरा नाम मुस्कान है मैं अभी 28 साल की हूँ। मेरा पति गुजर गया है बाइक एक्सीडेंट में।
पांच चुत पे एक लंड भारी चोद गया बिहारी – Bhai Behen ki Chudai
शादी के तीन साल बाद ही मेरा पति मुझे छोड़ गया। मैं अकेली रही गई मेरी शादी 22 की उम्र में हो गई थी और 28 की उम्र में विधवा हो गई। जब औरत को लंड चाहिए जब जवानी भरपूर हिलोरे मार रही हो और पति की मौत हो जाये।
सोचकर ही कलेजा फट जाता है। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ मेरे माँ बाप ने मेरे लिए खूबसूरत लड़का देखा शादी हुई ज़िंदगी बहुत अच्छी चल रही थी तभी दुःख हो गया।
मैं खूबसूरत पढ़ी लिखी औरत हूँ। मैं बिंदास लड़की हूँ। मुझे दोस्त बनाना रील बनाना बहुत ही अच्छा लगता है। तीन साल मेरी ज़िंदगी नर्क हो गयी थी। एक साल तो मैं दुःख में रही |
फिर अपने आप को संभालते हुए अपनी ज़िंदगी शुरू की। पर विधवा का ठप्पा था मेरे माथे पर इसलिए मैं अपने ससुराल से मायके आ गयी। माँ और पापा बोले तुम्हारी शादी करा देंगे।
मुझे भी लगा की ज़िंदगी फिर से शुरू करने चाहिए। पर इस बार मैंने प्रण किया की अब मैं अपने पैर पर खड़ी होकर ही शादी करुँगी। क्यों की दुबारा शादी में डर भी रहता है।
मेरा भाई जो एक इंजीनियर है दिल्लीमें रहता है अभी उसकी शादी नहीं हुई। पापा मम्मी बोले की तुम शुभम के पास ही चली जाओ, शुभम भैया मेरे से मात्र एक साल बड़े है |
मैं अपनी माँ बाप की बातों को मानकर नोएडा अपने भैया के पास चली गई। दो दिन के बाद मैंने और भैया ने डिसाइड किया की मुझे नर्सिंग का कोर्स करने चाहिए और मैं नर्सिंग में एडमिशन करवा ली।
सब कुछ नार्मल होने लगा था मैं खुश रहने लगी थी और मुझे ख़ुशी देने वाला मेरा भाई था।पर एक चीज की जो कमी थी वो थी लंड की मुझे चुदना बहुत पसंद है। मैं रोजाना locanto24.com पर आकर कहानियां पढ़ने लगी |
अपने हाथों से ही अपनी चूत को सहलाने लगी। रोजाना आदत हो गयी थी कहानियां पढ़ने की। पर अब कहानी से काम नहीं चलने वाला था मैं अपने भाई के तरफ आकर्षति होने लगी।
वो भी अकेला था और मैं भी अकेली दोनों एक फ्लैट में तो बात आगे बढ़ना लाजमी था। संडे के दिन मेरा भाई मुझे मूवी दिखाने ले गया और शाम को आते आते चिकन और एक बोतल व्हिस्की लेकर आया।
मैंने कहा मैं नहीं खाउंगी चिकन क्यों की मैं विधवा हूँ। भैया बोला इसलिये तो चिकन लाया हूँ ताकि तुम खाओ अब अपनी ज़िंदगी खुलकर जिओ तुम्हारी उम्र अभी छोटी है मजे करो जिसको जाना था चला गया।
मैं चुप रही फिर बोली कमी तो बहुत कुछ की है क्या क्या पूरा करोगे ? उन्होंने कहाँ जो भी कमी है तुम्हे वो सभी मैं पूरा करूँगा वक्त आने दो। मैंने डबल मीनिंग में बात की थी शायद वो मेरी इस बात को समझ गया था
तभी कहा था वक्त आने दो। रात को हम दोनों भाई शराब पीना शुरू किये और फिर धीरे धीरे रात चढ़ने लगी और हम दोनों एक दूसरे को अपनी दिल की बात कहने लगे।
वासना से भरी दीदी की ज़बरदस्त चूत चुदाई – Bhai Behen ki Chudai
धीरे धीरे नशे में आ गए और और हम दोनों कब एक दूसरे के करीब आ गए समझ भी नहीं आया। मैं ऐसे भी हॉट और सेक्सी कपडे पहनी थी मेरी दोनों चूचियां साफ़ साफ़ दिख रही थी।
वो शायद मेरी चूचियों को देख कर दीवाना हो गया और मेरे ऊपर टूट पड़ा। भैया बोला वक्त आ गया है जो मैंने तुम्हे आज बोलै था वक्त आने दो। शायद तुम्हे जिस्म की भी जरुरत है।
इतना कहते ही मेरा भी मेरे होठ को चूमने लगा और मेरी चूचियों को मसलते हुए मेरे जिस्म को सहलाते हुए मेरे हॉट मेरे गाल पर चुम्मा लेने लगा। मैं मदहोश होने लगी और अपना सब कुछ सौंप दी अपने भाई को।
उसने सबसे पहले मेरे सारे कपडे उतार दिए मुझे बेड पर लिटा कर मेरी चूचियों को मसलते हुए निप्पल को अपनी दाँतों से दबाने लगा। मेरी चुत पर जैसे ही हाथ लगाया मैं अंगड़ाई लेट हुई सिसकारियां लेने लगी।
वो तुरंत ही निचे हो गया और मेरी दोनों पैरों के बिच में बैठ कर पहले मेरी चूत को निहारा और फिर अपना ऊँगली लगाया। मेरी चूत पहले से ही काफी गीली थी उसने अपना जीभ लगा पर मेरी चूत को चाटने लगा
मैंने अपना दोनों पैर और भी फैला दी ताकि मेरे भाई को किसी भी प्रकार से कोई दिक्कत नहीं हो। मेरा भाई मेरी जिस्म से खेलने लगा उसका लंड बहुत मोटा हो चूका था।
उसने रहा नहीं गया और अपना लंड मेरी चूत के छेड़ पर लगाया और जोर से धक्के देकर घुसा दिया। पूरा लंड जैसे ही मेरी चूत के अंदर गया मैं और भी ज्यादा तड़पने लगी।
मेरी कुँवारी रसीली बहन-1
मैंने गांड गोल गोल घुमा घुमा कर अपने भाई के लंड को चूत के अंदर लेने लगी। भैया जोर जोर से धक्के दे रहा था। उसका लंड बहुत मोटा हो गया था इस वजह से दर्द भी हो रहा था।
मुझे करीब एक घंटे तक चोदा जब मैंने कहा अब छोड़ दो मेरी चूत सूज गई है मेरी कमर में दर्द हो गया है। तब जाकर उसने माल मेरी चूत के अंदर छोड़ा। उस दिन के बाद से मेरी ज़िंदगी बदल गयी बेहतरीन हो गई।
रोजाना वो मुझे चोदने लगा अब हम दोनों भाई बहन पति पत्नी के तरह रहने लगे। मैं अब उसके साथ ही सोती हूँ। अब मजे से कट रही है मेरी ज़िंदगी। मैं अपनी दूसरी कहानी जल्द ही लिखने वाली हूँ
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